यमक अलंकार का परिभाषा और उसके उदहारण | Yamak alankar ke udaharan .

नमस्कार दोस्तों , आप लोगो ने अलंकार के बारे में तो जरूर सुना होगा। यह अलंकार हिंदी विषय में पढ़ाया जाता है। आप हम आप को इस पोस्ट में (Yamak alankar ke udaharan) यमक अलंकार के उदहारण के बारे में पूरी जानकारी देने वाले है तो आप इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़े।

 

यमक अलंकार के उदहारण | Yamak alankar ke udaharan. 

 

Yamak alankar ke udaharan

 

 

यमक अलंकार के उदाहरण ( Yamak alankar ke udaharan )

यमक अलंकार हिंदी कविता में एक विशेष प्रकार का अलंकार होता है जो दो अर्थों को समान ढंग से प्रदर्शित करता है। अर्थात, दो शब्दों के बीच अनेक मान निकलते हैं और उनमें से कुछ मान एक अर्थ को और कुछ मान दूसरे अर्थ को संकेत करते हैं। इसलिए इसे ‘समानार्थक या द्विर्वचन अलंकार’ भी कहा जाता है।

यह अलंकार हिंदी साहित्य में विस्तारपूर्वक प्रयोग किया जाता है ताकि चाहे पढ़ने वाला कितना भी समझदार हो, उसे कुछ भ्रम न हो। यमक अलंकार में दो अर्थों को समान ढंग से प्रदर्शित करने के लिए एक ही शब्द का दो अर्थों में प्रयोग किया जाता है।

 

उदाहरण के लिए:

 

उस ने लिखी थी जो कल स्वर्ण लेने आए थे।
इस वाक्य में शब्द “स्वर्ण” दो अर्थों में प्रयोग किया गया है। एक अर्थ में यह “चमकदार धातु” को संकेत करता है, जबकि दूसरे अर्थ में यह “सोना” को संकेत करता है।

उसके अँग अँग में जलती रही मोहकता के लहराते झाँकार।

 

 

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यमक अलंकार की परिभाषा – Yamak Alankar ki paribhasha 

 

यमक अलंकार एक ऐसा अलंकार है जो दो शब्दों का उपयोग करता है जिनका अर्थ एक समान होता है, लेकिन वे शब्द वाक्य में अलग-अलग अर्थ देते हैं। इस अलंकार में शब्दों का उपयोग दोहराया जाता है ताकि एक ही शब्द दो अर्थ बताएं। यमक अलंकार का उदाहरण निम्न है:

जैसे –

1. बारिश ने दी जल्दी, जल्दी ठंडी हवा। (यहां ‘जल्दी’ शब्द दो अर्थ बताता है – पहले तो वह बताता है कि बारिश जल्दी आई है, और दूसरा अर्थ यह है कि हवा ठंडी जल्दी हो रही है)

2. सोने का रथ, चांदनी रात में चला। (यहां ‘सोने’ शब्द दो अर्थ बताता है – पहला अर्थ है ‘सोने से बना रथ’ और दूसरा अर्थ है ‘सोने का रथी’)।

इस प्रकार, यमक अलंकार के द्वारा शब्दों का उपयोग दोहराकर वाक्य का मतलब और उचित अर्थ बताया जाता है।

 

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यमक अलंकार के प्रकार –

 

यमक अलंकार के दो प्रकार होते हैं:

1.आवृत्ति यमक – इस प्रकार के यमक में, दो अलग-अलग शब्दों के दो अर्थों को एक साथ मिलाकर एक नया शब्द बनाया जाता है। उदाहरण के लिए, “अंधेरा चाहता है रोशनी से मुलाकात” इसमें, “अंधेरा” का अर्थ होता है “अज्ञानता” और “रोशनी” का अर्थ होता है “ज्ञान”। इस यमक में, “अंधेरा” का द्विरूप हो जाता है और यह “रोशनी से मुलाकात” को चाहता है।

2. वृत्तियुक्त यमक – इस प्रकार के यमक में, दो अलग-अलग शब्दों के दो अर्थों को एक साथ मिलाकर एक नया वाक्य बनाया जाता है। उदाहरण के लिए, “बैठे-बैठे क्या करें, करना है कुछ काम”। इसमें, “बैठे-बैठे” का अर्थ होता है।

 

 

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यमक अलंकार के उदाहरण – Yamak alankar ke udaharan

 

यमक अलंकार का उपयोग दो अर्थों को एक साथ दर्शाने के लिए किया जाता है। नीचे कुछ उदाहरण दिए गए हैं:

1. चंदन विष व्यापत नहीं, लिपटे रहत भुजंग।
(चंदन और विष दोनों की बात की गई है, जो दोनों ही अस्वस्थकर होते हैं, लेकिन भुजंग चंदन से लिपटा होता है, जो एक स्वस्थकर औषधि है)

2. उठी लंबी लट घनघोर, करने श्रृंगार देखो चमत्कार।
(यहां, लट लंबी और घनघोर होने के साथ-साथ श्रृंगार के लिए उठी हुई है, जो एक असाधारण दृश्य है)

3. राम के काज सब काज सुख राम के।
(यहां, “काज” और “सुख” दोनों “राम” के बारे में बात कर रहे हैं, जो दोनों ही उनकी कृपा से होते हैं)

4. बार-बार दिन रात घूमती, प्रीति मोहित सब कुछ अधिकारी।
(यहां, “दिन” और “रात” दोनों बार-बार घूमते हैं, जो इस बात को दर्शाता है कि प्रीति यानी भावना के अधिकारी होते हैं)

5. उसने अपनी आंखों से खेल खेला।
(इस वाक्य में “खेल” शब्द का दो अर्थ हैं – एक खेल का नाम और दूसरा खेल खेलना। इसलिए, यह एक यमक अलंकार है।)

6. जो तुम्हें देखते हैं वो हमेशा तुम्हें याद आते हैं।
(इस वाक्य में “तुम्हें” शब्द का दो अर्थ हैं – प्रतिवेदक और प्रतिबिम्ब। यह एक और उदाहरण है जहाँ यमक अलंकार का उपयोग किया गया है।)

7. उसने सोचा कि वह दौड़ लगाएगा लेकिन उसे नाक से खून आने लगा।
(इस वाक्य में “दौड़ लगाना” शब्द का दो अर्थ हैं – दौड़ लगाना और दौड़ का आयोजन करना। इसलिए, यह भी एक यमक अलंकार है।)

8. मैंने उसे अंधेरे के मध्य से निकाला।
(इस वाक्य में “अंधेरे” शब्द का दो अर्थ हैं – अंधेरा और अज्ञानता। यह भी एक यमक अलंकार है।)

9. उसने मुझे देखते हुए कहा कि वह खुश है।
(इस वाक्य में “देखते हुए” शब्द का दो अर्थ हैं – देखना और समझना। इसलिए, यह भी एक यमक अलंकार है।)

10. उसने अपने अंगूठे से उस पतंग को फिरा दिया।
(इस वाक्य में “फिराना” शब्द का दो अर्थ हैं – फिराकर देखना और चलाना। इसलिए, यह भी एक यमक अलंकार है।)

11. मैंने उसे एक जादूगर से मिलवाया।
(इस वाक्य में “जादूगर” शब्द का दो अर्थ हैं – जादूगर और कुशल व्यक्ति। यह भी एक यमक अलंकार है।)

इन उदाहरणों से आप यमक अलंकार के बारे में अधिक समझ सकते हैं और अपनी हिंदी भाषा कौशल को बढ़ा सकते हैं।

 

 

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निष्कर्ष – 

आशा करता हूँ की आप को यह जानकरी अच्छी लगी होगी। दोस्तों हमने आप को इस पोस्ट में (Yamak alankar ke udaharan) यमक अलंकार के उदहारण इसके बारे में पूरी जानकरी दी है। अगर आप को इस पोस्ट से जुड़ा कोई सवाल हो तो आप हमे निचे कमेंट में पूछ सकते है , हम आप के सवाल का जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे। आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे। धन्यवाद।

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